इंदौर के होटल शेरेटन में शनिवार शाम उद्योगपतियों से भरे हॉल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी गिनाई — सरप्लस बिजली और पर्याप्त लैंड बैंक। हिंदू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर के शुभारंभ पर ‘अर्थ अभ्युदय’ विषय पर मुख्य संबोधन देते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन्हीं क्षेत्रों में अग्रणी है, जो उद्योग लगाने के लिए सबसे ज़रूरी माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब पानी पर सोलर पैनल लगाकर भी बिजली बनाई जा रही है और पानी से ऊर्जा के स्रोत मजबूत हुए हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, पुलिस आयुक्त संतोष सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के साथ बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
खास बातें
- प्रदेश में जलाशयों पर लगे सोलर पैनल से भी बिजली बनाई जा रही है, जल-आधारित ऊर्जा स्रोत मजबूत हुए
- प्रति व्यक्ति आय 2002-03 के करीब 11 हजार रुपये से बढ़कर 2026 में 1 लाख 67 हजार रुपये बताई गई
- वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का चौथा आयोजन 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई में प्रस्तावित
आय के आंकड़ों से समझाई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय का सफर गिनाया। उनके अनुसार वर्ष 2002-03 में यह लगभग 11 हजार रुपये थी, जो 2022 तक बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपये और वर्ष 2026 में 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है।
उन्होंने कहा कि 10 से 12 वर्ष का समय बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाकर विकास के पहिये को गति देने का काम किया है। आर्थिक प्रगति में उद्यमियों की भूमिका को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया और कहा कि विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
एमओयू से जमीन तक
निवेश की घोषणाओं और असल फैक्ट्री के बीच का फासला ही उद्योग जगत का सबसे बड़ा सवाल रहता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अब तक हुए एमओयू को जमीन पर उतारने में सफलता मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है।
मुख्यमंत्री के अनुसार उद्योगों के नए सेक्टर पर लगातार काम चल रहा है, जिनमें धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म भी शामिल है। उन्होंने मध्यप्रदेश को सबसे सस्ती बिजली देने और सबसे अधिक रोजगार सृजित करने वाले प्रदेशों में गिनाया।
मंच से देश की तस्वीर
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंता नागेश्वरन ने कहा कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और मौजूदा विकास दर 7.8 प्रतिशत है, जिसमें आने वाले वर्षों में और बढ़ोतरी की संभावना है। उन्होंने विदेशों के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ने की बात भी कही। फोरम के प्रमुख विज्ञानान्द ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के अब तक तीन आयोजन हो चुके हैं — 2014 में नई दिल्ली, 2018 में अमेरिका के शिकागो और 2023 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में। चौथा आयोजन आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई में होगा। इन आयोजनों पर आधारित एक वृतचित्र भी दिखाया गया।
इंदौर के उद्यमियों के लिए इस मंच की सीधी उपयोगिता यह है कि फोरम का स्थानीय चैप्टर अब शुरू हो चुका है और दिसंबर में मुंबई का आयोजन तय है। बिजली, लैंड बैंक और नए सेक्टर को लेकर मंच से कही गई बातें फिलहाल शासन की मंशा और दावों के रूप में सामने आई हैं, जिनका असर आने वाले निवेश प्रस्तावों में दिखेगा।




