भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 62 नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसी मंच से उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक साल में 85,000 युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर उपलब्ध कराए हैं। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और यहां हीरा तथा कोयला जैसे संसाधन मौजूद हैं। उनके मुताबिक खनिज साधन विभाग एक अहम विभाग है, जिसमें पारदर्शिता और दक्षता से काम करने वाले अधिकारी प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में बड़ी भूमिका निभाते हैं। नव-नियुक्त अधिकारियों से उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में आना केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सेवा करने और अपनी पहचान बनाने का अवसर भी है।

खास बातें

  • मुख्यमंत्री निवास के कार्यक्रम में 62 नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
  • प्रमुख सचिव के अनुसार प्रदेश का खनिज राजस्व 8,000–9,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये हुआ।
  • वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनिज निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने इस दिन को नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव और नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि ये युवा अपने माता-पिता और परिवार के आशीर्वाद व सहयोग से यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी शासकीय सेवा में आने वाले युवाओं को केवल कर्मचारी नहीं, कर्मयोगी मानते हैं।

खनिज राजस्व 8,000–9,000 करोड़ से बढ़कर 12,000 करोड़

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, खनिज साधन, श्री विवेक पोरवाल ने बताया कि प्रदेश में खनिजों से मिलने वाला राजस्व 8,000–9,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि नव-नियुक्त खनिज निरीक्षक प्रदेश का खनिज राजस्व बढ़ाने में योगदान देंगे। विभाग में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 72 खनिज निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल भी शुरू की गई है — यानी मौजूदा भर्ती के बाद इस पद पर और नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।

कोयले को लेकर प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के जरिए प्रदेश को 33 कोल माइनिंग ब्लॉक आवंटित किए हैं। इनमें से आठ ब्लॉक में कोयले का उत्पादन शुरू हो चुका है। छह अन्य कोल ब्लॉक में उत्पादन शुरू करने के लिए खदान विकास का काम चल रहा है।

हीरे की खोज छतरपुर में, सोने की प्रोसेसिंग यूनिट सिंगरौली में

प्रस्तुत जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले के दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज का काम चल रहा है, जबकि पन्ना जिले में एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। सोने के अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसन्ट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में छह गोल्ड ब्लॉक की नीलामी भी हो चुकी है। ध्यान रहे, इनमें कई काम अभी खोज, आवंटन या निर्माण के चरण में हैं, उत्पादन के नहीं।

बताया गया कि खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को सराहा है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र के सुधारों में प्रदेश ने अग्रणी राज्य के रूप में अपनी जगह बनाई है।

मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों में से चुने गए पांच अभ्यर्थियों को मंच पर नियुक्ति पत्र दिए और सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों ने कहा कि यह दिन उनके लिए होली और दीपावली, दोनों जैसा है और वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

राज्य सरकार ने नियुक्ति पत्र के साथ नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों को विश्वास-पत्र भी दिया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सुशासन और जनकल्याण की दिशा में काम करते हुए ये युवा अधिकारी सबके लिए गौरव का कारण बनेंगे। नए अधिकारियों की पदस्थापना और आगे की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी खनिज साधन विभाग के स्तर से जारी की जाएगी।