जबलपुर के अधारताल स्थित सांदीपनि स्कूल में विद्यार्थियों को लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा स्कूल परिसर में ही मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने यह विशेष शिविर आयोजित किया।
उम्र के अनुसार पूरी हुई लाइसेंस प्रक्रिया
शिविर में निर्धारित आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के आवेदन नियमानुसार पूरे किए गए। 16 से 18 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए बिना गियर वाले दोपहिया और 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए गियर वाले वाहनों के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए।
खास बातें
- 16 से 18 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए बिना गियर वाले दोपहिया का लाइसेंस
- 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए गियर वाले वाहनों की प्रक्रिया
- विद्यार्थियों को यातायात नियम बताकर निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने विद्यार्थियों को मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रमुख प्रावधानों और यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्हें गति सीमा का पालन करने, हेलमेट पहनने, यातायात संकेत मानने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई।
नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक भी जिम्मेदार
विद्यार्थियों को मोटरयान अधिनियम की धारा 199ए के तहत नाबालिग द्वारा किए गए अपराध के परिणाम भी बताए गए। शिविर में दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे मामले में वाहन स्वामी या अभिभावक को तीन साल तक कारावास और 25 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है तथा वाहन का पंजीयन एक वर्ष के लिए रद्द किया जा सकता है। संबंधित किशोर को 25 वर्ष की आयु तक लाइसेंस पाने के लिए अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए छात्र-छात्राओं को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम में सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन का संदेश देते हुए युवाओं में जिम्मेदार वाहन संचालन की समझ विकसित करने पर जोर दिया गया।







