नरसिंहपुर जिले की करेली तहसील के झिरना मोहल्ला, बरमान कलां निवासी दीक्षा सेन अब अपना व्यवसाय चला रही हैं। इससे उन्हें हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है, जबकि उनके यहां दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है।
पूंजी की कमी ऋण से हुई दूर
दीक्षा व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं थी। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र नरसिंहपुर के मार्गदर्शन में उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण की प्रक्रिया पूरी की।
खास बातें
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया चावरपाठा से मिला 9.50 लाख रुपये का ऋण
- योजना में 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान और सीजीटीएमएसई शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ
- व्यवसाय से 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय, दो लोगों को रोजगार
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की चावरपाठा शाखा से उन्हें 9.50 लाख रुपये का ऋण मिला। योजना के अंतर्गत 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान और सीजीटीएमएसई शुल्क की प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया गया।
आय के साथ रोजगार भी बढ़ा
ऋण और योजना से मिली सहायता के आधार पर दीक्षा ने अपना व्यवसाय शुरू किया। कारोबार आगे बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी और आय का नियमित साधन बना।
यह व्यवसाय अब केवल दीक्षा की आमदनी तक सीमित नहीं है। इसके जरिए दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।
विभागीय मार्गदर्शन को बताया उपयोगी
दीक्षा के अनुसार, योजना का सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन नहीं मिलता तो व्यवसाय शुरू करना कठिन होता। उन्होंने ऋण और अनुदान को अपने स्वरोजगार की शुरुआत में उपयोगी बताया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।







