राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कटे होंठ एवं फटे तालू से पीड़ित जिले के चार बच्चों की जबलपुर में निःशुल्क सर्जरी कराई गई। उपचार के बाद सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने घर लौट चुके हैं।

शासन की योजना से बच्चों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दाहिया के मार्गदर्शन में चार बच्चों को उपचार के लिए 13 सितंबर को जबलपुर रेफर किया गया था।

कटे होंठ एवं फटे तालू की समस्या से पीड़ित इन बच्चों के उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी प्रयास कर चुकी थी, लेकिन बच्चे और उनके परिजन बड़े शहर में इलाज कराने को लेकर आशंकित थे।महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से बच्चों एवं उनके परिजनों को समझाइश देकर जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC), जिला चिकित्सालय बालाघाट लाया गया।

यहां से जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती के समन्वय से सभी चार बच्चों को जबलपुर के स्माइल ट्रेन फाउंडेशन से मान्यता प्राप्त दुबे सर्जिकल एंड डेंटल हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उनकी निःशुल्क सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।सर्जरी कराने वाले बच्चों में ग्राम मुरकुटा, विकासखंड बिरसा निवासी 3 वर्षीय सुरेंद्र धुर्वे, ग्राम बिजोरा, विकासखंड बैहर निवासी 2 वर्षीय दिलराज, ग्राम डाबरी, विकासखंड बिरसा निवासी 8 वर्षीय अमृता तथा परसवाड़ा निवासी 15 वर्षीय दिव्यांशी चौके शामिल हैं।डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि कई बार परिवारों में जन्मजात समस्या को लेकर यह धारणा रहती है कि इसका उपचार संभव नहीं है।

इन बच्चों के परिजनों ने भी पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार समझाइश और प्रयास के बाद परिवार उपचार के लिए तैयार हुए। सफल सर्जरी के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। परिजनों ने मध्यप्रदेश शासन की योजना और स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निःशुल्क उपचार उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ।

बच्चों के स्वस्थ होकर घर लौटने पर गांव में भी खुशी का माहौल है।